मस्तिष्क के भावो का स्पष्ट अंकन अँगूठे के द्वारा ही सम्भव है I यही कारण है की कुछ वैज्ञानिक हस्ताक्षर द्वारा मनुष्य की प्रकृति का अनुमान लगाते है I
राहु- केतु के उपाय इस पुस्तक में दी गई है I इस पुस्तक में कुल १०१ कुण्डलिया दी गई है I अन्य २१९ कुण्डलिया आजीविका विचार में उपलब्ध है I
Brighu Naadi Sangraha (Pearls of Brighu Nadi) by N Srinivasan Shastry
ज्योतिष के तीन अंगो में से एक ज्योतिष शास्त्र है I सामान्य जनों के उपयोग एवं समझने के लिए यह तीन अंगो में सबसे अधिक प्रचलित है I कुंण्डली निर्माण यधपि सिद्धांत अर्थार्त गणितखंड में आता है
Jyotish ke Jharokhe se Budhi Vidya Vichar [Hindi] Prem Bhatia मस्तिष्क के भावो का स्पष्ट2 , '' , , , , , , , , , , , , ; , , , '' , , . . , , ,